Wednesday, 29 December 2010

जर्मन सीखते हुए हिंदी कविता

जितना समय जर्मन सीखते हुए हुआ उससे थोड़ा ही ज़्यादा अपने प्रिय कवि मंगलेश डबराल को पढ़ते हुए हुआ है. मुझे याद है कई बार मेरी जर्मन की किताबों के बीच उनकी कविताओं की किताब निकल आती थी. जर्मन क्लास में भी उनकी कवितायेँ का जर्मन से घालमेल होता रहता था. कई बार जब जर्मन में कुछ लिखने को दिया गया तो मौका पाकर मैंने उनकी कवितायेँ अपने टूटे-फूटे अनुवाद में उधृत कर ली. कल मुझे अपने उस ज़माने के कंप्यूटर की हार्ड-डिस्क में पड़े अपनी ज़रूरी चीज़ें छांटने का मौका मिला, जिसमें मेरे जर्मन के सारे नोट्स भी थे. तभी उनकी कविता के अपने अनुवाद पर नज़र पढ़ी. बेहद मामूली शब्दशः अनुवाद लगा. ब्लॉग पर ड़ाल रहा हूँ ताकि मुझे हमेशा सनद रहे.

जर्मन जानने बूझने वाले मित्रगण अपनी राय से ज़रूर अवगत कराएँ. पहले मूल हिंदी कविता फिर उसका जर्मन अनुवाद.



प्रेम होगा तो हम कहेंगे कुछ मत कहो
प्रेम होगा तो हम कुछ नहीं कहेंगे
प्रेम होगा तो चुप होंगे हम
प्रेम होगा तो हम शब्दों को छोड़ आएंगे
रास्ते में पेड़ के नीचे
नदी में बहा देंगे
पहाड़ पर रख आएंगे।



Wenn es da Liebe gibt, sprechen wir nicht
wenn es da Liebe gibt, vermeiden wir Wörter
wenn es da Liebe gibt, schweigen wir
wenn es da Liebe gibt, lassen wir die Wörter
auf der Straße,
unter dem Baum,
lassen im Fluß fließen, stecken auf die Berge.

15 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

जर्मन तो आती नहीं पर हिंदी अनुवाद अच्छा लगा ...

प्रवीण पाण्डेय said...

वाह, आपकी गंगा उत्तर-पश्चिम की ओर बह रही है, जर्मनी भी पावन हो जायेगा।

अजेय said...

आह ! शब्द को छोड़ना ......

माधव( Madhav) said...

nice

सुनील गज्जाणी said...

नमस्कार
अच्छे भावो को समझने ले लिए वो लिपि भी आणि आवश्यक है , मेरे एक मित्र गेर्मानि की है उन्होंने मुझे ये भाषा सीखना का प्रयास किया , मगर सिख नहीं पाया , कविता अच्छी लगी . मूल कवी और अनुवादल जी का आभार . साधुवाद

सोतड़ू said...

कौन कहता है कि अनुवाद साधारण है ???

नीलोफर said...

महेन जी, चौथी पंक्ति में Wörter के स्थान पर kulhenhen रख दें तो कैसा रहेगा। वैसे अनुवाद ठीक ही है।

महेन said...

@नीलोफ़र… अफ़सोस मुझे इस शब्द का पता नहीं है। ठीक ठीक क्या मतलब है इसका?

सुशील कुमार छौक्कर said...

यहाँ आकर फिर से एक शानदार रचना पढने को मिली।

मुनीश ( munish ) said...

पता नहीं मगर इतना भर कह सकता हूँ कि जर्मनी में आप को मजबूर किया जाता है जर्मन सीखने के लिए मगर जापान में आप मजबूर हो जाते हैं जापानी सीखने के लिए

महेन said...

बात में दम है मुनीश भाई। फ़्रांस में भी कुछ जापान जैसा ही है…

वर्षा said...

सीधे दिल पर असर करनेवाली प्रेम कविता

सोनू said...

जर्मन अंग्रेज़ी की सजातीय भाषा है, शायद इसलिए ही गूगल ट्रांसलेट में जर्मन से अंग्रेज़ी का मशीनी अनुवाद भी अच्छा आता है। देखिए
If there is love there is, we do not speak
when there is love, we avoid words
when there is love, we are silent
when there is love, we let the words
on the street,
under the tree,
flow can be stuck in the river, the mountains.

सोनू said...

लेकिन, अनुवाद की लक्ष्य भाषा अनुवादक की मातृभाषा ही होनी चाहिए, तो हमें जर्मन से अनूदित तो कुछ और भी पढ़वाइए।

सुशील कुमार छौक्कर said...

आनंद आया पढकर।